Upkar Indian Medieval History PDF Download For UPSC in Hindi

नमस्कार दोस्तों, Addastudy.com में आप सभी का स्वागत है| जैसा की आप लोग जानते है की UPSC प्रतियोगी परीक्षा के तैयारी के लिए Indian Medieval History से संबंधित प्रश्न बहुत ही महत्वपूर्ण माने जाते है| इस प्रकार से आज हम आप आप सभी Dear Students के लिए Upkar Indian Medieval History PDF Download For UPSC in Hindi लेकर आये है| दोस्तों हम आप के जानकारी के लिए बता दे की आज जो मैं पीडीऍफ़ शेयर करने जा रहा हूँ इसमें भारतीय मध्यकालीन इतिहास से संबंधित इसके समस्त टॉपिक का विस्तार तथा इस पर आधारित प्रश्नोत्तर को भी तैयार किया गया है| इस पीडीऍफ़ के Matter को हिंदी में डॉ. के. के. शर्मा के द्वारा लिखा गया है| तो दोस्तों इस पीडीऍफ़ को डाउनलोड करके जरुर पढ़िए जो की आप सभी छात्रो के लिए UPSC से संबंधित प्रतियोगी परीक्षा के तैयारी करने हेतु बहुत ही Helpful रहेगा| 

    Upkar Indian Mediaeval History PDF Download For UPSC in Hindi:-

Dear Readers, इस पीडीऍफ़ का लिंक नीचे लगा दिया गया है जिसे आप सभी छात्र डाउनलोड करके Free में प्राप्त कर सकते है| इस पीडीऍफ़ के विषय-सूची को नीचे लिख दिया गया है, जिससे आप सभी छात्रो को यह Idea हो जायेगा इस पीडीऍफ़ में क्या-क्या पढने को मिलेगा और इसमें किस Level के Question है, इसके समस्त टॉपिक को विस्तार से पढने के लिए आप सभी छात्र इस पीडीऍफ़ को जरुर डाउनलोड कर लीजिये| तो आप सभी छात्र इस पीडीऍफ़ को डाउनलोड करके जरुर पढ़िए और अपने दोस्तों साथ साझा भी करिए जिससे आप लोग अपने आगामी UPSC प्रतियोगी परीक्षा को और बेहतर बना सके| इस पीडीऍफ़ के Matter को Laptop/Mobile और Tablet में आसानी से पढ़ सकते है| उम्मीद करता है यह पीडीऍफ़ आप सभी छात्रो को जरुर पसंद आएगा| 

विषय-सूची:-

1- प्रारम्भिक मध्यकालीन भारत (750 ई.से 1200 ई. तक)-

(प्रमुख राजवंश, चोल साम्राज्य, कृषि एवं राजनैतिक संरचनाएँ, राजपुत्र, सामाजिक गतिशीलता की सीमा, स्त्रियों की स्थिति, सिंध में अरबों का विस्तार, गजनवी राज्य, सांस्कृतिक प्रवृत्तियाँ, धार्मिक स्थितियाँ, मंदिरों तथा मठ संस्थाओ का महत्व, शंकराचार्य, इस्लाम, सूफी परंपरा, साहित्य एवं विज्ञान, अलबेरुनी का भारत, कला तथा स्थापत्य)

2- तेरहवीं एवं चौदहवीं शताब्दी का भारत-

(गौरी विजय, कारण एवं परिमाण, गुलाम शासको के अंतर्गत दिल्ली सल्तनत, अलाउद्दीन खिलजी, विजय अभियान, प्रशासनिक, कृषि एवं आर्थिक उपाय, मुहम्मद तुगलक के अभिन्न परिवर्तन, फिरोज तुगलक और दिल्ली सल्तनत का ह्रास, वाणिज्य तथा नगरीकरण का विकास, साहित्य, स्थापत्य, प्रौद्योगिकी में परिवर्तन)

3- पंद्रहवीं एवं प्रारम्भिक शताब्दी का भारत-

(प्रमुख प्रांतीय राजवंश, विजयनगर साम्राज्य, लोदी राज्य, मुग़ल साम्राज्य का प्रथम चरण, बाबर, हुमायूँ, सूर साम्राज्य एवं प्रशासन, पुर्तगाल एकेश्वरवादी आन्दोलन, कबीर, गुरुनानक एवं सिख धर्म, भक्ति आन्दोलन, क्षेत्रीय साहित्यिक विधाओ में वृद्धि, कला एवं संस्कृति)

4- 1556 ई. से 1707 ई. तक का भारत

5- मानचित्र अध्ययन 

6- इतिहास के चुने हुए उद्धरण/प्रसंग 

7- मध्यकालीन ऐतिहासिक व्यक्तित्व 

  • प्रश्नकोश
  • परिशिष्ट 
उत्तरी भारत के प्रमुख राजवंश (Important States of North India):-

आठवीं शताब्दी में सिंध विजय के अतिरिक्त तीन शक्तिशाली राज्यों-गुर्जर-प्रतिहार, पाल एवं राष्ट्रकूट का उदय हुआ, इसी दौरान आठवीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध से दसवीं शताब्दी के पूर्वार्द्ध तक कन्नौज पर स्वामित्व के लिए त्रिदलीय संघर्ष चलता रहा, जिसमे भाग लेने वाले राजा प्रमुख रूप से वत्सराज, नागभट्ट द्वितीय, मिहिरभोज, रामभद्र, महेन्द्रपाल (गुर्जर प्रतिहार राज्य से) देवपाल, धर्मपाल, विग्रहपाल, नारायण पाल (पाल शासक) एवं ध्रुव गोविन्द तृतीय, कृष्ण द्वितीय, अमोघवर्ष प्रथम (राष्ट्रकूट-वंश) थे| कन्नौज पर प्रभुत्व स्थापित करने के लिए हुए संघर्ष में उत्तरी भारत की दो शक्तियों-बंगाल के पाल एवं मंडाव्यपुर (मन्दौर) के गुर्जर-प्रतिहारों का उदय हुआ|

बंगाल के पाल (The Palas of Bengal):-

तिब्बती इतिहासकार लामा तारानाथ एवं रामचरित के लेखक संध्याकरनंदी के अनुसार पाल शासक क्षत्रिय वंश के थे| आर्यमंजू श्रीमूलकल्प के अनुसार पाल वंश का संस्थापक शूद्र बतलाया गया है| ‘अष्टसर्हसिकाप्रज्ञापारमित’ नामक वौद्ध ग्रन्थ के अनुसार पाल वंश का संस्थापक किसी सैनिक अधिकारी राजभट्ट से संबंधित था| तिब्बती इतिहासकार लामा तारानाथ के अनुसार पाल वंश के संस्थापक गोपाल का जन्म पुन्ड्रवर्धन (बोगरा जिला), या वरेंद्री (पूर्व बंगाल के पास हुआ था एवं उसे बंगाल का राजा निर्वाचित किया गया था, राष्ट्रकूट अभिलेख के अनुसार पालों की आदिभूमि गौड़ थी| पालवंश के संस्थापक गोपाल के रजा निर्वाचित होने का उन्ल्लेख ‘खलीमपुर-ताम्रपंत्र अभिलेख’ में किया गया है| खलीमपुर-ताम्रपंत्र अभिलेख के अनुसार गोपाल के पिता का नाम वप्यट एवं पितामह का नाम दपित विष्णु था|

Some Details About Upkar Indian Medieval History Pdf:- 

  • PDF Name:- Upkar Indian Medieval History PDF Download For UPSC in Hindi
  • Size:- 22 MB
  • Pages:- 236
  • Quality:- Good
  • Format:- PDF
  • Medium:- Hindi

इसे भी पढ़े- Kiran SSC General Awareness Book PDF Download For SSC All Examination in Hindi

प्रतियोगी परीक्षाओ के लिए Free Study Material Download करने के लिए  Addastudy.com पर रेगुलर Visit करते रहे|और अगर आप लोगो को हमारा यह प्रयास अच्छा लगे तो हमारे इस पोस्ट को अपने दोस्तों तक जरुर पहुचाये  इससे उनको भी फयदा होगा |हमारा यह प्रयास की आप लोगो को फ्री Study Material मिलता रहे सतत जारी रहेगा |धन्यवाद |

Upkar Indian Mediaeval History PDF Download For UPSC in Hindi

 

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top