उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 के उद्देश्य बताइये।

उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के उद्देश्य

भारत में दिसम्बर, 1986 में पारित तथा पूर्णरूप से । जुलाई 1987 से लागू किए गए इस उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के उद्देश्य निम्न प्रकार हैं

  1. व्यापारियों के अनैतिक क्रियाकलापों के विरुद्ध उपभोक्ताओं को संरक्षण प्रदान करना।
  2. ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में निवास करने वाले असंगठित उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति सजग करते हुए शिक्षित करना।
  3. उपभोक्ताओं को आवश्यक क्षतिपूर्ति दिलवाना।
  4. उपभोक्ताओं के हितार्थ ‘उपभोक्ता संरक्षण परिषदों’ की स्थापना करना तथा उनमें विभिन्न विवादों के निपटारे की व्यवस्था करना।
  5. ‘विपणन नियन्त्रण’ करने हेतु अर्द्ध-सरकारी न्यायिक तन्त्र की स्थापना करना इत्यादि ।।

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