तकनीकी एवं प्रबन्धन शिक्षा क्या है?

तकनीकी एवं प्रबन्धन शिक्षा

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अन्तर्गत तकनीकी एवं प्रबन्धन शिक्षा के प्रसार एवं सुधार पर विशेष बल दिया गया है। इस दिशा में होने वाले परिवर्तनों से सम्बन्धित समस्याओं के समाधान में भी निर्देशन सेवायें अपना योगदान दे सकती हैं। इस सन्दर्भ में किए जाने | वाले कुछ परिवर्तन निम्नलिखित हैं

(1) क्योंकि संगणक (कम्प्यूटर) महत्वपूर्ण व सर्वव्यापक साधन बन गया है, अतः संगणक के बारे में थोडी-बहुत जानकारी और उनके उपयोग में प्रशिक्षण व्यावसायिक शिक्षा का अंग बनाया जायेगा। कम्प्यूटर साक्षरता के कार्यक्रम स्कूल स्तर से ही बड़े पैमाने पर आयोजित किए जायेंगे।

(2) औपचारिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश की वर्तमान बड़ी शर्तों के कारण साधारण लोगों में अधिकांश को आज तकनीकी व प्रबन्धकीय शिक्षा मिलती है। ऐसे लोगों के लिए दूर शिक्षण सुविधाएँ, जिसमें जन-संचार माध्यम का उपयोग भी शामिल हैं, प्रदान की जायेगी। तकनीकी | तथा प्रबन्धन शिक्षा कार्यक्रम, पॉलिटेकिनक शिक्षा सहित, लचीली माडूलर पद्धति के अनुसार | चलेंगे और इनमें विभिन्न स्तरों पर प्रवेश की सुविधा होगी। इसके लिए पर्याप्त मार्ग-दर्शन और परामर्श सेवा भी उपलब्ध करायी जायेगी।

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(3) यह आवश्यक है कि ‘स्वयं रोजगार’ को छात्रगण, जीविका विकल्प के रूप में स्वीकार करें। इसके लिए उन्हें उद्यम विषयक प्रशिक्षण दिया जायेगा जिसकी व्यवस्था डिग्री तथा डिप्लोमा स्तर पर माड्यूलर तथा वैकल्पिक पाठ्यक्रमों द्वारा की जायेगी।

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