सिसरो का जीवन परिचय लिखिए।

0
94

सिसरो का जीवन परिचय – रोमन राजनीतिक चिन्तकों में सिसरो का स्थान बहुत महत्त्वपूर्ण है क्योंकि सच्चे अर्थ में वही एकमात्र रोमन राजनीतिक चिन्तक माना जा सकता है। उसके जीवनकाल में रोम में भारी राजनीतिक उथल-पुथल मची हुई थी। उसका गणतंत्रीय रूप समाप्त हो रहा था और साम्राज्यवादी रूप उभर रहा था जो निरंकुश सैनिकतंत्र पर आधारित था। सिसरो गणतंत्र का समर्थक था, अतः उसने निरंकुश सैनिकवाद के उत्थान का विरोध किया और पहले जूलियस सीजर और बाद में मार्क एण्टोनी की इस दृष्टि से कड़ी आलोचना की। फलस्वरूप जूलियस सीजर की हत्या के एक वर्ष पश्चात् अर्थात् 43 ईसा पूर्व में उसकी भी हत्या कर दी गयी।

भारतीय संविधान कठोर एवं लचीले संविधान का समन्वय है।” स्पष्ट कीजिए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here