शिक्षक प्रशिक्षण में पर्यावरण शिक्षा की सार्थकता

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शिक्षक प्रशिक्षण में पर्यावरण शिक्षा

शिक्षा के उच्च स्तर में यद्यपि पर्यावरण शिक्षा को स्थान मिला हुआ है परन्तु वह स्थान, विषय के महत्व और पर्यावरणीय क्षय की बढ़ती हुई समस्या को देखते हुए अपर्याप्त है। आमतौर पर विश्वविद्यालयों ने इस विषय को भी छात्रों के लिए अपनी विषय सूची में स्थान दिया है परन्तु छात्रों द्वारा इस विषय को चयन किये जाने का कोई पर्याप्त कारण दिखायी नहीं देता क्योंकि विश्वविद्यालय स्तर पर विषय चयन करने वाले छात्रों के सामने प्रमुख उद्देश्य रहता है कि उस विषय का अध्ययन रोजगारमूलक हो। इस संदर्भ में विषय की आवश्यकता पर प्रश्न चिह्न लग जाता है।

पर्यावरण शिक्षा विषय को रोजगारमूलक बनाये जाने की दिशा में आवश्यक प्रयास किये जाने चाहिए। साथ ही पाठ्यक्रम का प्रायोगिक पक्ष प्रबल होना चाहिए। जिससे पर्यावरण शिक्षा मात्र पाठ्यक्रम की विषय वस्तु ही बनकर न रह जाये।

अतः शिक्षक प्रशिक्षण में समाहित पर्यावरण शिक्षा मात्र पाठ्यक्रम शिक्षकों में

  1. आधारभूत मूल्यों और अभिवृतियों के विकास में सहायक होना चाहिए।
  2. पर्यावरणीय घटकों/ समस्याओं का ज्ञान देने में सक्षम होना चाहिए।
  3. पर्यावरणीय समस्यओं के समाधान हेतु कौशल का विकास करने वाला होना चाहिए।
  4. पर्यावरणीय उपागम के प्रति रुचि जागृत करने वाला होना चाहिए। प्रशिक्षण
  5. दैनिक जीवन में घटित होने वाली घटनाओं के प्रति संवेदनशीलता उत्पन्न करने वाला होना चाहिए।

स्त्री शिक्षा की प्रमुख समस्याओं का उल्लेख कीजिए।

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