संस्कृति का अर्थ स्पष्ट कीजिए तथा इसकी विशेषताएँ बताइये।

संस्कृति का अर्थ – संस्कृति वास्तव में मनुष्य के अर्जित गुणों का भण्डार होती है, वास्तव में संस्कृति जीवन की एक प्रणाली है। यह प्रणाली सदियों से जमा होकर उस समाज में छायी रहती है जिसमें ति हम जन्म लेते हैं। अपने जीवन में हम जो संस्कार जमा करते हैं यह भी हमारी संस्कृति के अंग बन जाते हैं और मरने के बाद हम अन्य वस्तुओं के साथ अपनी संस्कृति को भी विरासत के रूप में अपनी सन्तानों के लिए छोड़ जाते हैं। इसीलिए संस्कृति वह वस्तु मानी जाती है जो हमारे सारे. जीवन पर व्याप्त है तथा जिसकी रचना के विकास में अनेक सदियों के अनुभवों का हाथ है।

भारतीय संस्कृति की निरन्तरता एवं समृद्धि के पीछे भारतीय व्यवस्था को कुछ विशिष्ट संस्थाओं एवं तत्वों का विशिष्ट योगदान रहा है। ये कुछ ऐसी संस्थायें रहीं है। जिनका अस्तित्व विश्व की किसी संस्कृति में अन्यत्र देखने को नहीं मिलता।

भारतीय संस्कृति की विशेषताएं

  1. पुरुषार्थ (Pursushartha)
  • (i) धर्म (Religion)
  • (ii) अर्थ (Finance)
  • (iii) काम (Desire of sex)
  • (iv) मोक्ष (Salvation)

2. धर्म की संख्या (The Institution of religion)

  • (i) सामान्य धर्म
  • (ii) विशिष्ट धर्म
  • (ii) अपत्धर्म
  1. आश्रम व्यवस्था (Ashram system)
  2. संयुक्त परिवार (Jiont Family)
  • (i) मिताक्षरा संयुक्त परिवार
  • (ii) दायभाग संयुक्त परिवार
  1. वर्ण व्यवस्था (Varna System)
  2. भाग्य आदित्त (Fatalism)
  3. कर्म का सिद्धान्त (The doctrine of karma)
  4. संस्कार (Sacrament)
  5. जाति प्रथा (Caste System)
  6. भाग्य आदित्त (The Institution of Marriage)
  7. सामंजस्य की भावना
  8. आध्यात्मिक आधार
  9. प्राचीनता
  10. विभिन्नता में एकता
  11. विस्तार की गणना
  12. लोक कल्याण की भावना
  • (i) पुरूषार्थ भारतीय जीवन एवं हिन्दू दर्शन का एक अन्य प्रमुख तत्व रहा है।

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