सांस्कृतिक परिवर्तन में शिक्षा की भूमिका की विवेचना कीजिए।

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सांस्कृति परिवर्तन में शिक्षा का बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान होता है क्योंकि शिक्षा के द्वारा समाज में अमूल-चूल परिवर्तन होता है। समाज का समाजिक स्तर ऊंचा उठता है। लोग एक दूसरे के धर्म के बारे में शिक्षा के माध्यम से जानते हैं कि दूसरे धर्म की क्या संस्कृति है। इसके बाद शिक्षा हमें अनुशासन सिखाती है। जिससे हमें समाज के विचार, रहन-सहन, फैशन, मूल्य, भौतिक सम्पन्नता आदि का ज्ञान होता है। दूसरे शब्दों में अनुशासन पर समाज की संस्कृति की छाप पड़ती है। वर्तमान समय में हमारे समाज में जो प्रवृत्तियाँ फैली हुई हैं। उनका अनुशासन पर क्या प्रभाव पड़ता है यह सबको ज्ञात है। इसलिए शिक्षा के माध्यम से ही हम दूसरों की संस्कृति के बारे में उसमें क्या अच्छाइयों तथा मुख्य है। शिक्षा के द्वारा ही हम रीति-रिवाजों, परम्पराएँ मशीनें, उपकरण, नैतिकता, कला, विज्ञान, धर्म, विश्वास, सामाजिक संगठन, आर्थिक और राजनैतिक व्यवस्था सभी कुछ के बारे में जान जाते हैं। अतः इस प्रकार हम यह कह सकते हैं कि सांस्कृतिक परिवर्तन में शिक्षा का बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान होता है। अर्थात् बिना शिक्षा के सांस्कृतिक ‘परिवर्तन नहीं हो सकता है।

शिक्षा एवं जेन्डर सिद्धान्तों का तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत कीजिये।

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