सामाजिक स्तरीकरण की परिभाषा बताइए।

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सामाजिक स्तरीकरण को विभिन्न विचारकों ने परिभाषित करने का प्रयास किया है। जिस्बर्ट के अनुसार, “सामाजिक स्तरीकरण का आशय समाज का ऐसी विभिन्न स्थायी श्रेणियों और समूहों में विभाजन है जो उच्चता और अधीनता के संबंधों से परस्पर संबद्ध होते हैं।” रेमंड मुरे ने कहा है, “सामाजिक स्तरीकरण समाज का उच्च और निम्न सामाजिक इकाइयों में समांतर विभाग है।” सदरलैण्ड ने इसे परिभाषित करते हुए कहा है, “स्तरीकरण केवल अंतःक्रिया अथवा विभेदीकरण की ही एक प्रक्रिया है, जिसमें कुछ व्यक्तियों को दूसरे व्यक्तियों की तुलना में उच्च “स्थिति प्राप्त होती है।”

समाजशास्त्र में अन्तर सांस्कृतिक उपागम से क्या अभिप्राय है?

प्रसिद्ध अमेरिकन समाजशास्त्री ऑगबर्न और निमकॉफ के अनुसार, “वह प्रक्रिया, जिसके द्वारा व्यक्तियों एवं समूहों को थोड़े-बहुत स्थायी प्रस्थितियों की उच्चता एवं निम्नता के क्रम में श्रेणीबद्ध किया जाता है, स्तरीकरण के नाम से जानी जाती है।”

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