राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन विश्वविद्यालय (NUEPA) पर एक नोट लिखिए।

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(NUEPA) संस्थान की स्थापना

इस संस्थान को भारत सरकार ने शैक्षिक एवं प्रशासन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर की संस्था के रूप में सन् 1962 में यूनेस्को के साथ दस वर्षीय के तहत स्थापित किया। उस समय इसका नाम था एशियन इन्स्टीट्यूट ऑफ एजूकेशनल प्लानिंग एण्ड एडमिनिस्ट्रेशन (Asian Institute of Education Planning and Administration)। इस संविदा की समाप्ति के बाद भारत सरकार ने शिक्षा आयोग (1964-66) की सिफारिश पर इस संस्थान को अपने हाथ में ले लिया तथा उसका नाम रखा-नेशनल स्टाफ कॉलेज फॉर एजुकेशनल प्लानर्स एण्ड एडमिनिस्ट्रेटर्स मई, 1979 में भारत सरकार ने इस संस्थान का वर्तमान नाम राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान दिया। वर्ष 2006 में इसे विश्वविद्यालय बना दिया गया यह संस्थान नई दिल्ली में स्थित है।

न्यूपा संस्थान के कार्य

इस संस्थान के कार्यों का विवेचन निम्नलिखित शीर्षकों के अन्तर्गत किया जा रहा है

1. शिक्षा-नियोजकों तथा प्रशासकों का प्रशिक्षण

यह संस्थान भारत के शैक्षिक कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करता है। यह शैक्षिक नीतियों पर विचार विमर्श करने के लिए विभिन्न सेमीनारों तथा वर्कशपों का भी आयोजन करता है। इसने अब तक भारत के विभिन्न राज्यों तथा संघ प्रदेशों के हजारों अधिकारियों को प्रशिक्षित किया है। संस्थान जिला शिक्षा अधिकारियों के लिए डिप्लोमा कोर्स भी संचालित कर रहा है। इसमें से प्रमुख ह जिसकी अवधि छः माह की है। इस अवधि में उनको तीन माह में पाठ्यक्रम कार्य कराया जाता है और शेष तीन माह में व्यवसाय से सम्बन्धित प्रोजेक्ट कार्य कराया जाता है। यह संस्थान विदेशी कर्मचारियों के लिए भी प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करता है। इस संस्थान द्वारा आयोजित सेमिनार तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों में अफगानिस्तान, भूटान, मलेशिया, नेपाल, मॉरीशस, पाकिस्तान, फिलीपीन्स, श्रीलंका, थाईलैण्ड, संयुक्त राज्य अमेरिका, यूगोस्लाविया आदि देशों ने भाग लिया है।

2. नवाचारों का प्रसार

यह संस्थान नवाचारों के प्रसार के लिए महत्त्वपूर्ण कार्य कर रहा है। इसके लिए सन् 1983 में इस संस्थान ने अन्तर्राज्यीय भ्रमणों का आयोजन किया।

3. प्रकाशन कार्यक्रम

संस्थान शैक्षिक नियोजन तथा प्रशासन से सम्बन्धित विभिन्न प्रकाशनों को प्रकाशित कर रहा है। इसमें पुस्तकें, पत्र-पत्रिकाएँ, प्रतिवेदन आदि प्रमुख हैं।

4. सर्वशिक्षा अभियान

इस क्षेत्र में यह संस्थान प्राथमिक शिक्षा के विकास के सम्बन्ध में बहुमूल्य जिलावार रिपोर्ट कार्ड तथा राज्यवार रिपोर्ट कार्ड प्रकाशित करता है।”

5. अनुसंधान

यह संस्थान प्रबन्धात्मक अनुसंधान के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। इसकी अनुसंधानात्मक क्रियाएँ विभिन्न प्रकार की हैं। इनमें सर्वेक्षण, विश्लेषणात्मक अध्ययन तथा अनुसंधान प्रयोजनाएँ प्रमुख हैं।

6. परामर्शदात्री सेवा

यह संस्थान विभिन्न राज्यों तथा संघ शासित प्रदेशों के लिए परामर्शदात्री सेवाएँ प्रदान करता है। इसने जम्मू व कश्मीर, सिक्किम, दादर व नगरी हवेली, हरियाणा आदि में सेवाएं प्रदान की है। संस्थान ने हरियाणा की प्रार्थना पर विद्यालयों की स्थापना तथा विद्यालयों की प्रोन्नत करने के मानकों का निर्माण किया।

7. सहयोग

यह संस्थान विभिन्न राष्ट्रीय संगठनों विश्वविद्यालय अनुदान आयोग राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, विज्ञान एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद योजना आयोग, इण्डियन इन्स्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, इण्डियन सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद, नेशनल इन्स्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड मैनपॉवर रिसर्च-केन्द्रीय विद्यालय संगठन प्रौढ़ शिक्षा निदेशालय आदि से सहयोग एवं सम्बन्ध रखती है। यह संस्थान अन्तर्राष्ट्रीय संगठनों से भी घनिष्ठ सम्बन्ध रखती है। इनमें यूनेस्कों, रीजनल ऑफिस बँकॉक इन्स्टीट्यूट ऑफ एजुकेशनल प्लानिंग, पेरिस, कॉमनवेल्थ सचिवालय लंदन आदि प्रमुख हैं।

न्यूपा के प्रमुख उद्देश्य के

न्यूषा के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित है

  1. राष्ट्रीय नियोजन तथा प्रशासन में संलग्न विभिन्न एजेंसियों, संस्थानों को शैक्षणिक तथा व्यावसायिक परामर्श देना।
  2. भारत तथा भारत से बाहर विभिन्न शिक्षण संस्थान को परामर्श सेवा प्रदान करना।
  3. राष्ट्रीय योजना तथा प्रशासन तथा उससे सम्बन्धित अन्य विषयों में प्री-सर्विस तथा सेवारत प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करना।
  4. भारत के विभिन्न राज्यों तथा विश्व के अन्य देशों में शैक्षिक नियोजन तथा प्रशासन तथा सम्बन्धित विषयों के विभिन्न क्षेत्रों में शोध को प्रोन्नत करना तथा उसमें हर संभव सहयोग करना।
  5. केन्द्रीय तथा राज्य सरकारों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों के शैक्षिक क्षेत्र के प्रमुख लोगों के लिए प्रशिक्षण, कर्कशॉप सेमिनार तथा सम्मेलन आयोजित करना।

उच्च शिक्षा तथा विकास

विश्वविद्यालय नवीन विचारों को सृजित करने तथा ज्ञान का विस्तार करने में विशेष भूमिका निभाता है न केवल ज्ञान के विस्तार में बल्कि निपुणता लाने, विकास प्रबर्धन तथा mसामाजिक मूल्यों और सांस्कृतिक बदलाव के लिए भी महत्त्वपूर्ण है। शिक्षा, राष्ट्रीय आय तथा प्रतिव्यक्ति आय वृद्धि में योगदान करती है।

न्यूपा परिषद

न्यूपा परिषद का गठन निम्नलिखित प्रकार से है

  1. केन्द्रीय शिक्षामंत्री, भारत सरकार (न्यूपा)-अध्यक्ष
  2. उपकुलपत्ति न्यूपा (न्यूपा ) उपाध्यक्ष

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अन्य सदस्य

  1. भारत सरकार सचिव, उच्च शिक्षा विभाग-सदस्य
  2. भारत सरकार सचिव, उच्च शिक्षा तथा साक्षरता विभाग सदस्य
  3. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग चैयरमैन-सदस्य
  4. निदेशक, राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान तथा प्रशिक्षण परिषद सदस्य
  5. वित्तीय सलाहकार, मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार सदस्य
  6. सचिव (उच्च शिक्षा) कर्नाटक सरकार, बैंगलोर-सदस्य
  7. सचिव (तकनीकी शिक्षा) महाराष्ट्र सरकार, मुम्बई- सदस्य
  8. सचिव (उच्च शिक्षा) मध्य प्रदेश सरकार, भोपाल-सदस्य
  9. सचिव (विद्यालय शिक्षा) मेघालय सरकार, शिलांग-सदस्य
  10. सचिव (विद्यालय शिक्षा) जम्मू तथा कश्मीर सरकार, श्रीनगर-सदस्य

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