राज्य के प्रमुख तत्वों का उल्लेख कीजिए।

राज्य के प्रमुख तत्व- राज्य के प्रमुख तत्व को निम्नलिखित रूप से स्पष्ट किया गया है

(1) जनसंख्या- बिना जनसंख्या के राज्य की कल्पना करना व्यर्थ है। यह राज्य के संगठन के निर्वाह के लिए संख्या में पर्याप्त होनी चाहिए तथा यह उपलब्ध भू-भाग तथा राज्य के सपनों से अधिक न हो।

(2) निश्चित भू-भाग- ब्लुशली ने कहा है, जैसे राज्य का वैयक्तिक आधार जनता है उसी प्रकार उसका भौतिक आधार है भूमि, जनता उस समय तक राज्य का रूप धारण नहीं कर सकती जब तक उसका कोई निश्चित प्रदेश न हो।” एक राज्य के पास निश्चित भूमि का आकार इतना होना चाहिए. जितना कि एक राज्य रक्षा कर सकता हो।

(3) सरकार- किसी निश्चित भू-भाग के वाशिन्दे तब तक राज्य का रूप धारण नहीं करते। जब तक कि उसका एक राजनीतिक संगठन न हो। यह राजनीतिक संगठन अथवा सरकार एक ऐसा साधन है जिसके द्वारा राज्य के लक्ष्य एवं नीतियों का कार्यान्वित किया जाता है। सरकार राज्य का व्यवहारिक पहलू है।

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(4) प्रभुसत्ता- यह राज्य का प्राण है जिसके अभाव में राज्य का अस्तित्व कायम नहीं रह सकता है। इसका अर्थ है आन्तरिक और बाह्य मामलों में राज्य अन्य शक्ति के अधीन नहीं है। उसे नागरिकों एवं समुदायों पर सर्वोच्च कानूनी अधिकार प्राप्त है। राज्य पर किसी प्रकार का बाहरी नियंत्रण नहीं है।

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