पिछड़े वर्ग की समस्याएँ बताते हुए उसके निवारण के उपाय बताइए।

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कमजोर वर्गों में अनुसूचित जाति के अतिरिक्त जो दूसरा महत्वपूर्ण स्थान है वह है पिछड़े वर्ग का। इस वर्ग को शिक्षा और रोजगार में कुछ विशेषाधिकार तो अवश्य प्राप्त है किन्तु इन्हें अनुसूचित जातियों व जनजातियों के समान अन्य अधिकार प्राप्त नहीं है। पिछड़े वर्ग का निर्धारण निम्न के आधार पर किया गया है- 1. जाति और 2. व्यवसाय जाति की दृष्टि से इसका स्थान अनुसूचित जातियों से उच्च है और व्यवसायिक दृष्टि से इसे मुख्यतः कृषक या पशुपालक जातियों में सम्मिलित किया गया है।

अन्य पिछड़े वर्ग की अवधारणा

पहले अस्पृश्यों तथा पिछड़ों हेतु संयुक्त रूप से दलित शब्द का प्रयोग किया जाता था। किन्तु यह महसूस किया गया कि जो जातियाँ शैक्षिक, सामाजिक व आर्थिक दृष्टि से पिछड़ी हैं उनका एक अलग वर्ग बनाया जाए। 1953 ई० में पिछड़ा वर्ग कमीशन बना जिसने 1955 ई० में अन्य पिछड़े वर्ग की सूची घोषित की।

अन्य पिछड़े वर्ग की समस्याएँ

अन्य पिछड़े वर्ग की प्रमुख समस्याएँ निम्नलिखित है

1. आर्थिक पिछड़ापन

पिछड़े वर्ग की प्रमुख समस्या आर्थिक पिछड़ापन है। अनुसूचित एवं जनजातियों के समान ही यह वर्ग भी सामाजिक असमानता का शिकार रहा है और इसकी सामाजिक स्थिति भी अच्छी नहीं है।

2. शैक्षिक पिछड़ापन

पिछड़े वर्ग की दूसरी प्रमुख समस्या शिक्षा के क्षेत्र में अन्य उच्चजातियों की अपेक्षा पिछड़ा होना है। इस वर्ग में शुरू से शैक्षिक चेतना का अभाव था, और इस कारण इन्हें सरकारी नौकरियों आदि में कम प्रतिनिधित्व मिला।

3. राजनैतिक पिछड़ापन

पिछड़ा वर्ग राजैनतिक दृष्टि से अत्यधिक पिछड़ा है। यद्यपि अनुसूचित जाति सबसे अधिक शोषित थी परन्तु राजनैतिक आरक्षण मिलने से उनकी स्थिति में सुधार आया परन्तु पिछड़े वर्ग की स्थिति जस की तस रही।

“पिछड़े वर्ग के अधिकतर लोग भूमिहीन कृषक, छोटे किसान या छोटे पशुपालक है। इस कारण उनकी निम्न समस्याएँ भी है

4.रोजगार की समस्या

पिछड़े वर्ग को नियमित रूप से रोजगार नहीं मिल पाता। कुछ स्थानों पर तो उनकी दशा गुलामों के समान है, तथा भूस्वामि उनसे बेगार लेकर बहुत ही कम मजदूरी देते हैं।

5. अल्प आय

चूंकि ये अधिकतर कृषि से जुड़े है इस कारण वर्ष में इन्हें काफी समय बेकार रहना पड़ता है यद्यपि सरकार ने न्यूनतम मजदूरी तय कर दी है फिर भी कम ही लोग उसका पालन करते हैं।

6. कार्य की दशाएँ

खेतों में इन्हें अत्यधिक कठिन परिश्रम करना पड़ता है जिसका प्रतिकूल प्रभाव उनके स्वास्थ्य, कार्यक्षमता, एवं जीवन पर पड़ता है।

7.निम्न जीवन स्तर

इनका जीवन स्तर काफी निम्न है कम आय होने के कारण यह अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति भी नहीं कर पाते। •

8. ऋणग्रस्तता

कम आय होने के कारण अधिकांश पिछड़े वर्ग के लोग ऋण ग्रस्त है। यहाँ तक की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए भी इन्हें ऋण लेना पड़ता है।

9. दयनीय सामाजिक स्थिति

इनकी स्थिति दलितों की अपेक्षा उच्च अवश्य है, परन्तु आर्थिक रूप से ये दलितों के समान ही पिछड़े हैं। इस कारण इनकी सामाजिक स्थिति बहुत निम्न है।

10. संगठन का अभाव

पिछड़े वर्ग की एक समस्या इनमें संगठन का अभाव भी है। भारत में सबसे बड़ा पिछड़ा वर्ग ही है, परन्तु वे अशिक्षित, अज्ञानी होने के साथ ही देश में दूर-दूर तक फैले हुए हैं और उनमें संगठन का नितांत अभाव है।

समाधान हेतु सुझाव

सरकार ने पिछड़ों के कल्याण के लिए निम्नलिखित योजनाएँ शुरू की हैं

1.परीक्षापूर्व कोचिंग

इस योजना का मुख्य उद्देश्य पिछड़े वर्ग के प्रतियोगी/प्रवेश परीक्षा में सम्मिलित होने वाले छात्रों को परीक्षाओं में सफल बनाने हेतु किया गया है, जिसमें उन्हें परीक्षा हेतु कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।

2.लड़के और लड़कियों के लिए छात्रावास

इस योजना के अन्तर्गत छात्रावासों का निर्माण किया गया है। ये छात्रावास सभी स्तरों के छात्रों एवं छात्राओं के लिए बनाए गए हैं। परन्तु यह योजना पिछड़े वर्ग के साधन सम्पन्न छात्रों के लिए नहीं है।

3. मैट्रिक पूर्व छात्रवृत्ति

यह छात्रवृत्तियां ऐसे पिछड़े वर्ग के छात्रों को दी जाती है जिनके अभिभावकों की सालाना आय 45500 रुपये से अधिक न हो ये छात्रवृत्तियां पहली से दसवीं तक के छात्रों को दी जानी सुनिश्चित की गई है।

4.मैट्रिक के बाद की छात्रवृत्ति

ये छात्रवृत्तियां उन छात्रों को दी जाती है जो मैट्रिक और उच्च माध्यमिक स्तर की परीक्षा दे रहे हैं ताकि वे अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें। ये पिछड़े वर्ग के उन छात्र-छात्राओं को दी जाती है जिनके अभिभावक की सालाना आय 45500 रुपये से अधिक नहीं है।

5. समाज सेवी संगठनों को सहायता

इस योजना के अन्तर्गत समाज सेवी संस्थाओं द्वारा अन्य पिछड़े वर्ग की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक स्तर को ऊँचा उठाना जिससे उन्हें रोजगार प्राप्त हो सके।

प्रतिस्पर्धा के निर्धारकों का वर्णन कीजिए।

उपर्युक्त सुविधाओं के कारण अन्य पिछड़े वर्ग ने अपेक्षाकृत अपनी स्थिति अच्छी कर लो है। उसकी पहुँच सरकारी नौकरियों तक हो गई है, परन्तु फिर भी पिछड़े वर्ग के कुछ वर्गों ने ही इन सुविधाओं का अधिक लाभ उठाया है अन्य वर्गों को इन आरक्षण का विशेष लाभ नहीं मिला है। सुविधाओं का अत्यधिक लाभ उन लोगों को मिल रहा है जो पहले से ही समृद्ध हैं।

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