फ्रांस के दोनों सदनों के सम्बन्ध स्पष्ट कीजिए।

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फ्रांस के दोनों सदनों के सम्बन्ध – फ्रांस में संसद के दोनों सदनों के कार्यों और अधिकारों में सदैव परिवर्तन होता रहता है, विशेषकर द्वितीय सदन के सम्बन्ध में जहाँ तृतीय गणतंत्र में दोनों सदनों के अधिकार लगभग समान थे, वहाँ चतुर्थ गणतंत्र में द्वितीय सदन के कार्यों और अधिकारों में आमूल परिवर्तन किये गये और उसे विश्व का सबसे कमजोर द्वितीय सदन बना दिया गया। लेकिन पंचम गणतंत्र में द्वितीय सदन अर्थात् सीनेट को नया स्वरूप प्रदान किया गया है। तृतीय गणतंत्र की भाँति, वर्तमान संविधान में दोनों सदनों को लगभग समान स्तर का बना दिया गया है। द्वितीय सदन को पुनः पर्याप्त शक्तियाँ देकर उसके प्रभाव और शक्ति में अभिवृद्धि की गयी है।

युद्ध की घोषणा, शान्ति की स्थापना और संधि या समझौता करने में दोनों सदनों के समान अधिकार हैं। राष्ट्रपति के निर्वाचन और उस पर महाभियोग के सम्बन्ध में भी दोनों सदनों को समान अधिकार दिये गये हैं। लेकिन मंत्रिमण्डल केवल राष्ट्रीय सभा के प्रति उत्तरदायी है, सीनेट के प्रति नहीं। इसी प्रकार विधेयक के सम्बन्ध में भी राष्ट्रीय सभा को निर्णायक अधिकार दिये गये हैं, सीनेट इस क्षेत्र में उसके समकक्ष नहीं है। पुनश्च वित विधेयक केवल राष्ट्रीय सभा में ही प्रस्तुत किया जा सकता है, लेकिन सीनेट को उन पर विचार-विमर्श करने और संशोधन करने का अधिकार है। सीनेट को उस पर 15 दिन के भीतर अपना निर्णय दे देना होता है। आगिक विधियों (Organic Laws) को भी सर्वप्रथम राष्ट्रीय सभा में ही प्रस्तुत किया जा सकता है।

पंचायती राज व्यवस्था का महत्व।

साधारण विधेयक किसी भी सदन में प्रस्तुत किये जा सकते हैं। दोनों सदनों में उन पर विचार होता है, परन्तु मतभेद की स्थिति में राष्ट्रीय सभा की स्थिति सर्वोच्च रहती बीच मतभेद के कारण उपस्थित हुए गतिरोध को दूर करने के लिए प्रधानमंत्री दोनों सदनों की एक संयुक्त समिति की बैठक बुलाता है। जिसमें दोनों का समान प्रतिनिधित्व रहता है। इस संयुक्त समिति द्वारा विधेयक का जो रूप निर्णित किया जाता है, उसी रूप में उस विधेयक को सरकार दोनों सदनों में अनुमोदन के लिए पुनः प्रस्तुत करती है। यदि फिर भी दोनों सदनों में मतभेद रहे तो सरकार उस विधेयक के दोनों सदनों के एक और वाचन के बाद राष्ट्रीय सभा को उस विधेयक पर अन्तिम निर्णय करने का अधिकार देती है। इस प्रकार अन्ततः राष्ट्रीय सभा की स्थिति सीनेट से श्रेष्ठ मानी जाती है।

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