मैथेटिक्स प्रोग्रामिंग क्या है?

मैथेटिक्स प्रोग्रामिंग का अर्थ- मैथटिक्स प्रोग्रामिंग विकसित करने का श्रेय थॉमस.एफ. गिलबर्ट को है। मैथेटिक्स शब्द यूनानी भाषा के ‘मैथीन’ शब्द से निकला है जिसका अर्थात् है- सीखना। मैथेटिक्स का तात्पर्य- समूह के जटिल व्यवहार के विश्लेषण एवं पुनर्निर्माण हेतु पुनर्बलन के सिद्धान्तों के उस सुव्यवस्थित प्रयोग से है जो विषय-वस्तु में निपुणता बताती है। ग्रह विधि यद्धपि थोड़ी जटिल प्रकृति की है, पर यह कठिन कौशलों की प्राप्ति में वांछित व्यवहार लाने में तथा विषय-वस्तु पर पूर्ण अधिकार अर्जित करने में बहुत उपादेय मानी गयी है। मैथेटिक्स अभिक्रमण में अभिक्रम की यूनिट ‘पद’ न होकर ‘अभ्यास’ होती है। इसमें

पाठ्य पुस्तक को एक कड़ी के रूप में रखा जाता है, जिसमें अन्तिम पद को प्रथम के रूप में प्रस्तुत किया जाता है (अवरोही श्रृंखला या Retrogressive chaining)

प्रारम्भ में मैथेटिक्स गणित के क्षेत्र में प्रयुक्त किया गया था, परन्तु अन्य विषयों में भी इसका प्रयोग किया जा सकता है

इस अधिक्रम की तीन अवस्थाएं होती हैं

  1. प्रदर्शन (Demonstration)
  2. अनुबोध (Prompting)
  3. उन्मुक्ति (Release)

प्रदर्शन में छात्रों के अधिगम व्यवहार को प्रदर्शित किया जाता है। अनुबोधन अवस्था में अधिगम व्यवहार को उत्पन्न करने के लिए अनुबोधनों की व्यवस्था की जाती है।

उन्मुक्ति अवस्था में अधिगम व्यवहार (जो सीख लिये गये हैं) उनके अभ्यास के अवसर प्रदान किये जाते हैं। अनुबोधन तीसरी अवस्था में प्रयुक्त नहीं किये जाते।

सामाजिक वर्ग के विभाजन की प्रकृति पर प्रकाश डालिए।

मैथेटिक्स का निर्माण कठिन होता है, इसके लिए अभिक्रमिक में विशिष्ट योग्यता होनी चाहिए। इसमें सीखी जाने वाली विषय-वस्तु के अन्तिम पद से शुरू करके, प्रथम पद तक पहुँचना सामान्य बालकों के लिए थोड़ा मुश्किल हो जाता है।

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