लॉक का महत्त्व एवं प्रभाव लिखिए।

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लॉक का महत्त्व एवं प्रभाव – लॉक ने अपने युग के राजनीतिक चिन्तन पर गहरा प्रभाव डाला। जैसा कि सेबाइन ने कहा है- “उसने अतीत के विविध तत्त्वों का सम्मिश्रण किया। इसलिए उसके राजनीतिक दर्शन से उसके बाद की शताब्दियों में विविध प्रकार की विचारधाराओं की उत्पत्ति हुई।”

18वीं, 19वीं शताब्दी के चिन्तन पर लॉक की जितनी छाप थी उतनी शायद अन्य किसी विचारक की नहीं थी। परवर्ती लेखकों पर लॉक का व्यापक प्रभाव पड़ा। माण्टेस्क्यू ने लॉक के शक्ति के सिद्धान्त को अपना मुख्य आधार बनाया। फलतः फ्रांस की क्रान्ति में वे चरमोत्कर्ष पर पहुँच गये। अमरीका में स्वतंत्रता की घोषणा के रचयिताओं और अमरीकी संविधान के निर्माताओं ने उससे बहुत कुछ ग्रहण किया। उसकी पुस्तक ‘शासन पर दो निबन्ध’ ने अमरीकी क्रान्तियों को प्रभावित किया और प्रेरित किया। ‘मैक्सी’ ने उसका मूल्यांकन करते हुए यह उचित ही कहा है कि-

बोदां के सम्प्रभुता की सीमाएँ बताइए।

“लॉक के राजनीतिक दर्शन में ऐसा बहुत थोड़ा है जो कि उसकी मौलिकता को प्रकट करता है। उसमें बहुत थोड़े विचार और सिद्धान्त ऐसे होंगे जिनका पहले प्रतिपादन न हुआ हो। लेकिन फिर भी सत्रहवीं शताब्दी के इस दुबले-पतले किताबी कीड़े डाक्टर को राजनीतिशास्त्र के उन कुछ विचारकों की श्रेणी में रखा जाना चाहिए जिनका कार्य कभी मृत्यु को प्राप्त नहीं होगा।”

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