जनरीतियों की प्रमुख विशेषताएँ बताइए।

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जनरीतियों की प्रमुख विशेषताएँ

जनरीतियों की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं

1. स्वतः उत्पत्ति

जनरीतियों की प्रमुख विशेषता यह है कि उनकी उत्पत्ति किन्हीं मानवीय प्रयत्नों द्वारा न होकर स्वतः ही होती है। वास्तव में सामाजिक अन्तः क्रियाओं के मध्य इनका आप से आप ही विकास हो जाता है। जनरीरीतियों की उत्पत्ति के सम्बन्ध में सर्वश्री समनर और केलर ने अत्यन्त ही सरल शब्दों में कहा है कि “सामान्य आवश्यकता का सामना करने की जरूरत होने पर प्रायः अनेक व्यक्तियों द्वारा एक साथ या कम से कम एक प्रकार से मामूली कार्यों को बार-बार दोहराने से ही जनरीतियों की उत्पत्ति होती है।

2.मान्य व्यवहार

जनरीतियों की दूसरी प्रमुख विशेषता यह है कि ये समूह विशेष के मान्य व्यवहार होती है। वास्तव में वही आदतें या कार्य या व्यवहार जनरीतियों का स्थान ग्रहण करते हैं जिनको समूह विशेष अपनी मान्यता प्रदान करता है।

3.वंश-परम्परागत

जैसा कि श्री ग्रीन ने अपनी परिभाषा में बताया है कि जनरीतियों पीढ़ी दर पीढ़ी हस्तान्तरित होती जाती है। दूसरे शब्दों में प्रत्येक मनुष्य कुछ जनरीतियाँ अपनी सामाजिक विरासत के रूप में ग्रहण करता है।

4. मानव व्यवहार की नियन्त्रक

जनरीतियाँ मानव-व्यवहार को काफी सीमा तक नियन्त्रित करती है। वास्तव में ये मानवीय व्यवहार के नियन्त्रण का प्रमुख साधन होती हैं। चूँकि अधिकतर व्यक्ति इन्हें मानते हैं अतः जल्द ही इनकी अवहेलना सम्भव नहीं कहना न होगा इस रूप में जनरीतियाँ सामाजिक नियन्त्रण का एक प्रमुख साधन होती है।

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5. भिन्नता

जनरीतियों की एक प्रमुख विशेषता यह भी है कि ये प्रत्येक समाज में भिन्न-भिन्न होती है। इस भिन्नता का प्रमुख कारण सांस्कृतिक भिन्नताएँ ही हैं, क्योंकि संस्कृति व्यक्ति के विचार, भावनाओं, कार्यों एवं व्यवहारों को काफी हद तक प्रभावित करती है।

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