इंटर्नशिप कार्यक्रम का मूल्यांकन किस प्रकार किया जाता है। पाठ्यान्तर क्रियाओ को विस्तृत रूप में लिखिए।।

इंटर्नशिप कार्यक्रम का मूल्यांकन

इंटर्न एक अंग्रेजी शब्द है जिसका शाब्दिक अर्थ -कैद यह शब्द प्रायः नया व्यवसाय या नौकरी आरम्भ करने वाले उन कॉलेज, विश्वविद्यालय के छात्रों या युवकों के लिए प्रयोग किया जाता है जो अभी नये-नये इस क्षेत्र उतरते हैं और प्रशिक्षण के साथ ही व्यवसाय आरम्भ करते हैं इन्हें कभी-कभार प्रशिक्षु भी कहा जाता है। इस क्रियाकलाप को इंटर्नशिप कहा जाता है। यह उनके लिए एक ऐसा अवसर होता है जो उनके लिए आकर्षक व्यवसाय की राह को सुगम बनाता। है। इस काल के दौरान उन्हें व्यावसायिक कार्यों अर्थात् शिक्षण से जुड़े कार्यों का व्यावहारिक अनुभव मिलता है जो वे अब तक मात्र अपनी पाठ्य पुस्तकों में ही पढ़े हुए होते हैं। अधिकांश नियोक्ताओं का विचार होता है कि मात्र कॉलेजों में पढ़ाई गई पाठ्य-पुस्तकों की सामग्री काम के लिए व्यावहारिक दक्षता को उत्पन्न करने में पूरी तरह सक्षम नहीं रहती जो किसी प्रत्याशी के लिए कार्यस्थल पर आवश्यक होती है। उन्हें व्यवहारिक ज्ञान के साथ ही विषय की बारीकियों के लिए समझने का अवसर भी मिलता है। इंटर्नशिप की अवधि में सीखी गई मूलभूत सामग्री उनके भविष्य निर्माण में सहायक सिद्ध होती है। इसी कारण से इंटर्नशिप व्यावसायिक क्षेत्र के नवायगुन्तकों के लिए अत्यन्त उपयोगी सिद्ध होती है। इस अवधि में इंटर्नशिप करने वाले छात्र को अपने समय का अधिक-से-अधिक भाग सीखने में लगाना चाहिए। इंटर्नशिप की अवधि 6 12 सप्ताह या 6 माह तक भी हो सकती है।

कॉलेजों में पढ़ाई गई पाठ्य पुस्तकें और क्षेत्र के गृहकार्य छात्रों को वास्तविक कार्य स्थिति का अनुभव देने में अक्षम रहते हैं। उनकी कमी ही इंटर्नशिप द्वारा पूरी की जाती है। किसी संगठन में इंटर्न के रूप में यह सीखने को मिलता है कि अन्य सहकर्मी किस तरह विभिन्न उत्पादों पर काम करते हैं। इसी तरह कक्षा में सीखे गए सिद्धान्तों को व्यवहार में लागू करने का अवसर मिलता है। व्यवसाय की राह में पहले चरण के रूप में इंटर्नशिप कार्यक्रम के तहत व्यवसायिक सम्बन्ध स्थापित करने में भी मदद मिलती है जो व्यवसाय के बाद के वर्षों में काफी लाभदायक सिद्ध होते हैं। साथ ही अन्य साथी भी इंटर्नशिप में अपने अनुभव बांटते हैं। इस प्रकार इंटर्नशिप स्वयं की कार्य पद्धति को मजबत करने और कमजोर पक्ष को क्षेत्र विशेष में पूर्णकालिक व्यवसाय से पूर्व सीखने और समझने का स्वर्णिम अवसर देती है। प्रायः इंटर्नशिप इसी आशा के साथ की जाती है कि सम्भवता यही उनकी पहली नौकरी का आरम्भ हो जाय। यह रास्ता इंटर्नशिप की अवधि में उनके प्रदर्शन पर निर्भर करता है।

माध्यमिक शिक्षा की संरचना बताइये।

इंटर्नशिप के दौरान छात्र एक साप्ताहिक डायरी/ जनंस तैयार करते हैं जिनमें उनके प्राप्त अनुभव घर व दूरदृष्टियों का लेखा-जोखा होता है। छात्र नियमित रूप से अपने पर्यवेक्षकों को ई-मेल भी भेजते रहते हैं। इंटर्नशिप की समाप्ति पर वे ऐसा प्रपत्र तैयार करते हैं जिसमें प्रशिक्षा कार्यस्थल का विवरण जहाँ इंटर्नशिप की गई है, शामिल होता है तथा इंटर्नशिप के भी उनकी प्रतिक्रिया व इसका मूल्यांकन भी लिखते हैं। इस प्रपत्र को मौखिक रूप से भी प्रस्तुत किया जाता है। यह सारी सामग्री प्रशिक्षण केन्द्र पर स्थित पर्यवेक्षक द्वारा आंकलित की जाती है तथा इसके साथ ही सहभागी छात्रों व प्रशिक्षण स्थल के अन्य पर्यवेक्षकों द्वारा भी छात्र के कार्य को आंकलित किया जाता है।

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