इब्राहिम लोदी की असफलता के कारणों पर प्रकाश डालिए।

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इब्राहिम लोदी की असफलता

पानीपत का प्रथम युद्ध (1526 ई.) भारतीय इतिहास के निर्णायक युद्धों में से एक था। इस युद्ध में बाबर की विजय और इब्राहिम लोदी की असफलता के प्रमुख कारण निम्नलिखित थे

(1) अफगानों का असन्तोष

इब्राहिम लोदी की कठोर व अपमानजनक नीति से अफगान सरदार बहुत असन्तुष्ट थे। दौलत खाँ और आजम खाँ ने तो बाबर को आक्रमण के लिए आमंत्रित भी किया था अन्य अफगान सरदार भी असन्तुष्ट होकर उसके विरुद्ध षडयंत्र रच रहे थे।

(2) इब्राहिम लोदी की अयोग्यता

इब्राहिम लोदी एक अनुभवहीन सेनापति था। यह युद्ध भूमि में बिना किसी योजना के आगे बढ़ जाता था और कभी पीछे हट जाता था। इसके विपरीत बाबर एक वीर और अनुभवी सेनापति था।

(3) बाबर का व्यक्तित्व

बावर का व्यक्तित्व बड़ा ही आकर्षक और प्रभावशाली था। वह अपने सैनिकों को उत्साहित करने में प्रवीण था।

(4) मुगल सेना का शौर्य

मुगल सेना शौर्ययुक्त और अनुशासित थी। मुगल सैनिक अत्यंत वीर, साहसी एवं रणकुशल थे। वे पहले ही अनेक युद्ध लड़कर पर्याप्त अनुभव प्राप्त कर चुके थे। यही कारण था कि मुगल सेना अफगानों की सेना की तुलना में बहुत कम होते हुए भी विजयी रही।

(5) बारूद का प्रयोग

बावर ने पहली बार पानीपत के युद्ध में बारूद का प्रयोग किया। बाबर की तोपों के समक्ष अफगान सेना भेड़-बकरियों के समान तितर-बितर हो गयी।

(6) तुलगामा व्यूह रचना

बाबर ने ईरान के बहादुर सेनापति शैबानी खां से तुलगामा व्यूह रचना सीखी थी। यह व्यूह रचना बड़ी आक्रामक और गतिशील थी। इसके अंतर्गत शत्रु सेना पर दो तरफ से सैनिक आक्रमण करते थे और सामने से सेना पर तोपों से प्रहार किया जाता था। इस व्यूह रचना और युद्ध कौशल से इब्राहिम अनभिज्ञ था और यही तथ्य उसकी हार का प्रमुख कारण था।

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(7) अफगानों का नैतिक पतन

अफगान सैनिकों का नैतिक पतन भी इब्राहिम की हार के लिए एक सीमा तक उत्तरदायी था।

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