हूण कौन थे?

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हूण कौन थे–हूण शब्द की उत्पत्ति ‘हून्य’ या ‘हियून यू’ शब्द से हुई है। संस्कृत साहित्य तथा अभिलेखों में इन्हें हूण कहा गया है। अनेक विद्वान चीन के पश्चिम में रहने वाली हूंग-नू जाति से इनकी उत्पत्ति मानते हैं। कतिपय अन्य विद्वानों के मतानुसार हूण एथलाइट जाति से सम्बन्धित थे। हूण एक खानाबदोश जाति थी। प्रारम्भ में ये चीन के समीप रहते थे तथा बर्बर एवं निर्दयी जीवन व्यतीत करते थे। इनके मूल स्थान को चीन की एक प्रजाति ने जबरन छीन लिया। अतः हूण जाति अपना वह मूल स्थान छोड़कर पश्चिम में बढ़ी तथा आक्सस नदी को पारकर उसने फारस पर अधिकार कर लिया।

फारस पर अधिकार करने से पूर्व ही यह जाति दो भागों में विभक्त हो गई थी। इनकी एक शाखा वोल्गा की ओर चली गई तथा दूसरी आक्सस की ओर चली गई। यूरोप की ओर जाने वाले हुणों को काले हूण कहा जाता था। इन्होंने अपने प्रबल एवं नृशंस आक्रमणों द्वारा रोम साम्राज्य को जर्जर कर दिया। आक्सस नदी की ओर बढ़कर फारस पर अधिकार जमाने वाले हूणों को श्वेत हूण कहा जाता था।

मौर्य की उत्पत्ति सम्बन्धी विभिन्न मतों का समीक्षात्मक विवरण प्रस्तुत कीजिए।

उनके राजा आरुसोनवर ने 484 ई. में ईरान के ससेनियज राजा फीरोज को मारकर हूणों की प्रतिष्ठा को और भी बढ़ा दिया। फारस पर ये छठी शताब्दी के अन्त तक राज्य करते रहे। उन्होंने बलख को अपनी राजधानी बनाया।

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