हड़प्पा सभ्यता के उद्भव सम्बन्धी विदेशी मत पर टिप्पणी लिखिए।

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हड़प्पा सभ्यता के उद्भव – इस मत को मानने वाले इतिहासकारों में मार्शल, व्हीलर, गार्डन चाइल्ड, क्रेमर एवं डी. डी. कौशाम्बी प्रमुख हैं। इन लोगों का मानना है कि सिन्धु सभ्यता का उद्भव मेसोपोटामिया की सुमेरियन सभ्यता से हुआ तथा वहाँ से इस सभ्यता के तत्य मित्र होते हुए यहाँ पहुँचे।

क्रेमर एवं गार्डन चाइल्ड का मानना है कि 2400 ई.पू. में सुमेरियाई लोग भारत आए और यहाँ की परिस्थितियों के अनुरूप अपनी संस्कृति में परिवर्तन करके सिन्धु सभ्यता का विकास किया।

एच.डी. सांकलिया के अनुसार बलूचिस्तान से प्राप्त होने वाले चबूतरे जो ऊपर की ओर जाने पर सेंकरे हो जाते हैं, में तथा मेसोपोटामिया से प्राप्त ‘जिगुस्त’ में समानता है एवं ये एक ही राजतंत्र से प्रेरित है।

पालवंश की स्थापना किस प्रकार से हुई? संक्षेप में लिखिए।

परन्तु मेसोपोटामिया और सिन्धु सभ्यता में पर्याप्त अन्तर दिखाई पड़ता है। सैन्धव नगर जाल की तरह सुने थे, यहाँ के मकानों में अधिकांशतः पक्की ईंटों का प्रयोग हुआ है। यहाँ जल निकास प्रणाली अत्यन्त उन्नात अवस्था में थी तथा लिपि चित्राक्षर थी। इसके विपरीत मेसोपोटामियन नगर बेतरतीब बने थे, उनमें ज्यादातर कच्ची ईटों का ही प्रयोग हुआ है. उनकी लिपि कीलाक्षर है। मेसोपोटामिया के नगरों में मन्दिरों के प्रमाण हैं जबकि सिन्धु सभ्यता में इसका कोई प्रमाण नहीं है। अतः कहा जा सकता है कि सैन्धव सभ्यता के उद्भव में मेसोपोटामिया के लोगों का कोई योगदान नहीं है।

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