वुड के घोषणा पत्र में जन शिक्षा के प्रसार का विश्लेषण कीजिए।

वुड के घोषणा पत्र में जन शिक्षा के प्रसार

वुड के घोषणा पत्र में जनशिक्षा को प्रोत्साहन देते हुए कहा गया कि हमें अपना ध्यान अब एक महत्वपूर्ण व बहुत अधिक उपेक्षित प्रश्न की ओर निर्देशित करना चाहिए। हमें यह देखना होगा कि शिक्षा प्राप्ति से वंचित व्यक्तियों के बड़े समुदाय को उपयोगी व व्यावहारिक ज्ञान कैसा दिया जा सकता है। हम चाहते है कि भविष्य में इस उद्देश्य के लिए संक्रीय सरकारी प्रयास किये जायें।”

उपरोक्त विवेचन से स्पष्ट है कि वुड के घोषणापत्र में भारत में शिक्षा व्यवस्था को एक नूतन आयाम देने की सकल्पना की गई थी तथा इसके लिए शिक्षा सम्बन्धी योजना प्रस्तुत की गई जिसे संक्षेप में निम्नवत् लिपिबद्ध किया जा सकता है

हर्ष की कन्नौज महासभा और स्वेनसांग ।

  1. शिक्षा का प्रमुख उद्देश्य भारतीयों का बौद्धिक, नैतिक तथा आर्थिक विकास करना है।
  2. छोटी कक्षाओं में शिक्षा का माध्यम स्थानीय भाषा होगी परन्तु अंग्रेजी का अध्ययन भी कराया जायेगा।
  3. सरकारी शिक्षा संस्थाओं के स्थान पर सहायता अनुदान प्रणाली को बढ़ाया। जायेगा।
  4. सरकारी शिक्षा संस्थाओं में धार्मिक शिक्षा स्वैच्छिक होगी।
  5. अध्यापकों के प्रशिक्षण की व्यवस्था की जायेगी
  6. महिलाओं की शिक्षा को प्रोत्साहन किया जायेगा।
  7. भारत में विश्वविद्यालय स्थापित किये जायेंगे।
  8. जनसाधारण की शिक्षा को बढ़ावा दिया जायेगा ।

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