आत्मसातकरण की विशेषताएँ लिखिए।

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आत्मसातकरण की विशेषताएँ

  1. आत्मसातकरण, सामाजिक प्रक्रिया में संलग्न समूहों के बिना जाने-बूझे और सचेत प्रयासों के घटित होता है। अतः आत्मसातकरण एक अचेतन प्रक्रिया है।
  2. सामान्यतः आत्मसातकरण होने में लंबा समय लगता है। जब ये संस्कृतियाँ आपस में संपर्क में आती हैं तो एक लम्बे समय के बाद ही एक दूसरे में विलीन हो पाती हैं। अतएव आत्मसातकरण एक धीमी प्रक्रिया है।
  3. आत्मसातकरण तभी घटित होता है जब इस प्रक्रिया में संलग्न संस्कृतियाँ असमान हों। उनमें एक प्रकार की श्रेणीबद्धता होती है। इनमें से एक आधिपत्य वाली अर्थात प्रबल होती है, तो दूसरी अधीन संस्कृति होती है। प्रायः प्रबल संस्कृति अधीन अथवा अपेक्षाकृत छोटी संस्कृतियों के साथ आत्मसातकरण की दिशा में आगे बढ़ती हुई उन्हें स्वयं में आत्मसात कर लेती है।
  4. आत्मसातकरण एक अस्थाई घटना नहीं है। इसके प्रभाव स्थायी होते हैं। आत्मसातकरण के कारण संस्कृति में घटित होने वाले परिवर्तन एक लम्बे समय तक चलते या निरंतर बने रहते हैं।

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