प्रारम्भिक शिक्षा सर्वीकरण के सम्बन्ध में सुझाव दीजिए।

प्रारम्भिक शिक्षा सर्वीकरण –

स्कूलों में दर्ज बच्चों में प्रतिशत, प्रतिचारण दर स्कूल व शिक्षकों की उपलब्धता, स्कूलों में उपलब्ध सुविधाएँ, बाल श्रमिकों, स्कूल न जाने वाले बच्चों की स्थिति आदि की जाँच करने के उपरान्त समिति ने प्रारम्भिक शिक्षा का वर्गीकरण करने के सम्बन्ध में निम्न सुझाव । दिये

  1. राष्ट्रीय शिक्षा नीति के पैरा 55 में नामांकन व स्थायित्व के सर्वीकरण तथा शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ सेवाओं की उपलब्धता, स्कूल व समुदाय के बीच सम्बन्ध तथा शैक्षिक आयोजन व प्रबन्ध की विकेन्द्रीकृत व सहभागी प्रणाली नामक तीन बातों को जोड़ दिया जाना चाहिए।
  2. राष्ट्रीय शिक्षा नीति के पैरा 56 में उल्लिखित बाल केन्द्रित उपागम की असंगतताओं का निवारण किया जाना चाहिए।
  3. स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता के सुधार के लिए शिक्षक, समुदाय तथा सामाजिक पर्यावरण जैसे कारकों की भूमिका पर भी बल देना चाहिए।
  4. नामांकन आँकड़ों की विश्वसनीयता के संदिग्ध होने के कारण नामांकन व प्रतिधारण दोनों में ही सतत सुधार करने का प्रयास किया जाना चाहिए तथा नामांकन के स्थान प्रतिधारण पर बल दिया जाना चाहिए।
  5. अनौपचारिक तथा औपचारिक पद्धतियों को निश्चित समयावधि में इस प्रकार एकीकृत किया जाये कि उनके संवर्ग आधारित संरचना तथा प्रबन्ध संरचना समन्वित होकर एक हो जाये।
  6. एक अवधि के अन्दर औपचारिक स्कूल शिक्षा को अनौपचारिक में परिवर्तित कर दिया जाये। इसके लिए स्कूल का समय व दिन आवश्यकतानुसार परिवर्तित किया जाये।
  7. ऑपरेशन ब्लैकबोर्ड को प्रारम्भिक शिक्षा की एक प्रमुख योजना का रूप दिया जाना चाहिए।
  8. प्राथमिक स्कूल, मिडिल स्कूल तथा इनसे जुड़े फेरा-स्कूल बड़ी संख्या में खोले जाने चाहिए ।

मानव समाज से आप क्या समझते है। इसका अर्थ और विशेषतायें बताइये।

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