मान्टेसरी की शिक्षा पद्धति का संक्षेप में वर्णन कीजिए।

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मान्टेसरी की शिक्षा पद्धति

मान्टेसरी पद्धति को शिक्षा की एक वैज्ञानिक एवं मनोवैज्ञानिक विधि माना गया है। शिक्षा की इस पद्धति में बालक की अवस्था, मस्तिष्क एवं शारीरिक विकास के नियमों का ध्यान रखा जाता है। इसमें बालक की रुचि योग्यता तथा विकास की अवस्थाओं के अनुसार शिक्षा दी जाती है। माण्टेसरी के अनुसार शिक्षक को चाहिए कि यह बालक को शिक्षा देते समय उन क्षणों को ध्यान में रखें बालक किसी विषय विशेष को सीखने हेतु उत्सुक/ जिज्ञासु हो जाता है। इस पद्धति में बालकों के वैयतिक एवं सामाजिक जीवन के विकास की अपेक्षा उनके व्यावहारिक जीवन के अभ्यास को अधिक महत्त्व दिया जाता है। माण्टेसरी पद्धति में 3 से 7 वर्ष के बच्चों के व्यक्तित्व को विकसित करने के लिए अप्रलिखित कार्य व्यापारों पर अधिक बल दिया जाता –

सर्जनात्मकता का क्या महत्व है ?

  1. कर्मेन्द्रियों की शिक्षा,
  2. शानेन्द्रियों की शिक्षा,
  3. भाषा का शिक्षण,
  4. व्यावहारिक शिक्षा और
  5. गणित सहित अन्य विषयों की शिक्षा

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