जाति व्यवस्था के उत्पत्ति सम्बन्धी प्रमुख सिद्धान्तों का वर्णन कीजिए।

जाति व्यवस्था के प्रमुख सिद्धान्त निम्नलिखित है

  1. परम्परागत सिद्धान्त – इस सिद्धान्त की उत्पत्ति का स्रोत वेद, उपनिषद्, स्मृतियां एवं धर्मशास्त्र रहे हैं। ऋग्वेद के पुरुष सूक्त में ब्रह्मा के मुख से ब्राह्मणों, भुजाओं से क्षत्रियों, जंघाओं से वैश्यों तथा पैरों से शूद्रों की उत्पत्ति बताई गई है।
  2. प्रजातीय सिद्धान्त – इस सिद्धान्त के समर्थक डॉ० पुरिये, रिजले, मजूमदार, एन० के० दत्ता एवं एस० सी० राय आदि है। इस सिद्धान्त के अनुसार, प्रजातीय मिश्रण एवं अनुलोम विवाह के कारण तथा आर्यों एवं अनार्यों के मिश्रण से जाति की उत्पत्ति हुई।
  3. धार्मिक सिद्धान्त- इसके समर्थक होकार्ट एवं सेनार्ट हैं। उनके अनुसार धार्मिक भेदभाव एवं कर्मकाण्डों ने जाति व्यवस्था को जन्म दिया।
  4. व्यावसायिक सिद्धान – सफल्ड, दालमन तथा बलण्ट इस सिद्धान्त के समर्थक है। इनके अनुसार विभिन्न व्यवसायों को करने वाले समूह ही आगे चलकर जातियों में परिवर्तित में हो गए। नेसफील्ड कहते हैं, ” व्यवसाय और केवल व्यवसाय हो जाति-व्यवस्था की उत्पत्ति के लिए उत्तरदायी है।”

विवाह के प्रमुख प्रकारों की व्याख्या कीजिए।

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