अवकाश के लिए शिक्षा की व्यवस्था करने के लिए किन बातों पर ध्यान दिया जाना चाहिये?

अवकाश के लिए शिक्षा की व्यवस्था करने के लिए निम्न बाते –

1. वैयक्तिक भिन्नता

सभी व्यक्तियों में अनेक प्रकार की मित्रता पायी जाती है। ये मित्रता रुचि, आवश्यकता, योग्यता, बुद्धि, शारीरिक क्षमता आदि के आधार पर होती है। अतः अवकाश के लिए इस भिन्नता पर ध्यान देना आवश्यक है।

2. आत्म-प्रदर्शन की प्रवृत्ति की संतुष्टि

प्रत्येक व्यक्ति में आत्म-प्रदर्शन की प्रवृत्ति पायी जाती है उसे संतुष्ट करने के लिए रचनात्मक कार्यों की व्यवस्था करना आवश्यक होता है। इस कार्य का अवसर देकर अवकाश के सदुपयोग की शिक्षा दी जा सकती है।

3. नैतिक और सामाजिक विकास

शिक्षा की व्यवस्था में अवकाश का सदुपयोग करने के लिए नैतिक और सामाजिक विकास पर भी ध्यान देना आवश्यक है जो व्यक्ति इसमें सुसंस्कृत होता है वह कभी भी अनैतिक एवं असामाजिक कार्य नहीं करता और अवकाश के समय में समाजकल्याण में लगता है।

4. स्वस्थ मनोरंजन

काम से फुरसत पाने के बाद व्यक्ति मनोरंजन की इच्छा रखता है। मनोरंजन शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक होता है। अतः शिक्षा आयोजन में अवकाश का सदुपयोग करने के लिए स्वस्थ मनोरंजन के साधन को एकत्र करना आवश्यक होगा। मनोरंजन एक ऐसा साधन है जिससे दबे हुए संवेग और मानसिक तनाव समाप्त हो जाते हैं।

5. रुचिकर वातावरण

अवकाश के सदुपयोग करने के लिए आवश्यक है कि रुचि का वातावरण निर्मित किया जाये।

सामाजिक समूह की परिभाषा तथा विशेषताओं का वर्णन कीजिए।

6. सामाजिक और सांस्कृतिक परम्पराओं का ज्ञान

इसके सदुपयोग के लिए यह भी आवश्यक है कि बालक या व्यक्ति की सामाजिक और सांस्कृतिक परम्पराओं का ज्ञान रखकर उन्हें शिक्षा दी जाये।

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